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पेटीएम के द्वारा बुज़ुर्ग के अकाउंट से 3 लाख उड़ा दिया ये दो सगे भाइयो को साइबर क्राइम पुलिस ने किया गिरफ्तार

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रिपोर्ट श्वेताभ सिंह

पेटीएम के द्वारा बुज़ुर्ग के अकाउंट से 3 लाख उड़ा दिया ये दो सगे भाइयो को साइबर क्राइम पुलिस ने किया गिरफ्तार

वाराणसी। साइबर सेल ने पेटीएम के माध्यम से अपराध करने वाले दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को मीडिया के समक्ष पेश करते हुए साइबर थाना प्रभारी ने बताया कि 19 अक्टूबर 2020 को चोलापुर निवासी बाबू नंदन जयसवाल ने साइबर सेल को को सूचना दिया था कि 31 जनवरी 2020 से 31 अगस्त 2020 तक कई बार उनके खाते से 3,14000 उड़ा लिए गए हैं।

उक्त प्रकरण में अपर पुलिस महानिदेशक साइबर क्राइम लखनऊ, पुलिस अधीक्षक साइबरक्राइम लखनऊ, पुलिस महानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र विजय मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाराणसी अमित पाठक, क्षेत्राधिकारी/नोडल अधिकारी साइबर क्राइम, अभिमन्यु मांगलिक द्वारा साक्ष्य संकलन एवं गिरफ्तारी हेतु निर्देशित किया गया था। जिसके अनुपालन में संकलित साक्ष्यों से अनावरण के उपरांत अभियुक्त अश्वनी कुमार उर्फ छोटू, पुत्र गुलाब राम, निवासी ग्राम खुटहां, थाना चोलापुर के नाम प्रकाश में आया है। जिसे 8 जनवरी 2021 को दानगंज बाईपास के पास से पकड़ लिया गया।

वृद्ध के खाते से  दो भाई करते थे धन निकासी:

अश्वनी ने पूछताछ में बताया कि मैं और मेरा भाई अनिकेत मिलकर अवैध धन का निकासी करते थे। अनिकेत के बारे में पूछने पर बताया कि वह दानगंज बाजार में यूनियन बैंक के पास उठता-बैठता है और वहीं मिलेगा। अश्वनी के उपरोक्त बताए स्थान से अनिकेत उर्फ गोलू पुत्र गुलाम राम पुलिस अभिरक्षा में लिया गया। विवेचनात्मक कार्यवाही पूर्ण कर उपरोक्त अभियुक्तों को शनिवार का चालान न्यायालय प्रस्तुत किया गया।

धोके से लिया खाते का जानकारी और कार्ड नंबर और कर दिया खेल

पकड़े गए अभियुक्त अश्वनी उर्फ छोटू से उपरोक्त मुकदमा के संबंध में पूछताछ की गई तो उसने बताया कि मेरा मोबाइल नंबर जिससे मैं पेटीएम अकाउंट बनाकर उपयोग करता हूं। मैंने अपने बड़े भाई अनिकेत उर्फ गोलू के कहने पर अपने गांव के रहने वाले महावीर बाबू नंदन जैसवार जो मेरे बगल में रहते हैं, चूंकि महावीर बाबू नंदन बुजुर्ग है और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में उनका दो खाता है, इसलिए बैंक ले जाकर पैसा निकालने में उनका मदद करते थे। किसी दूसरे से बात करना होता था तो नंबर लगा देते। इस बीच मौका पाकर धोखे से उनके दोनों खातों का विवरण एवं एटीएम कार्ड नंबर प्राप्त कर लिया और मैंने अपने पेटीएम अकाउंट में लिंक करा लिया। 

फोन लगाने के बहाने प्राप्त करते थे ओटीपी पासवर्ड

उसने बताया कि जब-जब महावीर बाबू नंदन को बैंक लेकर मैं या मेरा भाई जाता तो ओटीपी आने के नाम पर मोबाइल ले लेता था और पैसा एटीएम खाते में ट्रांसफर कर लेता। जब-जब फोन लगाने को हम लोगों को होता तो उसी दौरान पेटीएम का ओटीपी प्राप्त कर पैसा अपने पेटीएम में अकाउंट में ट्रांसफर कर लेते थे। महावीर के खाते से कई महीनों में थोड़ा-थोड़ा करके पैसा निकालते रहे, जिसे मैं और मेरा भाई अनिकेत खाते में ट्रांसफर करके कैश करा लेते। 

ईट-भट्टे पर चौकीदारी का काम करने वाले का मोबाइल नंबर किया इस्तेमाल

इसके अलावा मेरे घर के सामने ईट-भट्टे पर चौकीदारी करने वाले अर्जुन पुत्र स्वर्गीय रामजीत का मोबाइल फोन धोखे से प्राप्त कर उसके मोबाइल नंबर से पेटीएम अकाउंट बनाकर महावीर के खाते से लिंक कर मैंने कई बार पैसा निकाला है। अभियुक्त गण के खाते से फ्रीज कराया गया 91 हजार 290 रूपया, दो मोबाइल फोन, 4 यूबीआई के एटीएम कार्ड, 1 एक्सिस बैक के एटीएम कार्ड, 1 एसबीआई के कार्ड की बरामदगी की गई।

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